
ऊंचाहार। क्षेत्र के पूरे राठौरन मजरे ऊंचाहार देहात गाँव में बाईपास निर्माण के लिए मकान गिराने पहुंची एनएचएआई टीम को मुआवजा न दिये जाने के आरोप में ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा है। हंगामे की सूचना पर एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को शांत कराया है।
गौरतलब है कि लखनऊ प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाइपास निर्माण का कार्य चल रहा है। निर्माण के दौरान पूरे राठौरन मजरे ऊंचाहार देहात निवासी रामसिंह राठौर का मकान उसकी जद में आ रहा है। बताते हैं कि नोटिस के बावजूद मकान मालिक ने जमीन खाली नहीं की। रविवार की दोपहर एनएचएआई की टीम, राजस्व विभाग व पुलिस बल के साथ मकान ध्वस्त करने पहुंची तो ग्रामीण आक्रोशित हो गये और मकान गिराने के लिए मना करके हंगामा करना शुरू कर दिया।हंगामे की सूचना पर एसडीएम सिद्धार्थ चौधरी व नायब तहसीलदार सुजीत कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। मकान के स्वामी राम सिंह ने बताया कि अधिग्रहीत की गई संपत्ति का पूरा मुआवजा नहीं मिला है। फिलहाल हम खुद मकान तोड़ रहे है। इसके बावजूद भी एनएचएआई जबरदस्ती कर रही है। हालांकि एसडीएम ने एक सप्ताह के भीतर मकान हटाने का समय देकर मामले को शांत करा दिया।
एसडीएम ने बताया कि एक मकान हटाने को लेकर लोग आक्रोशित थे। जिसे जमीन व मकान का मुआवजा मिल चुका है। पेड़ो का मुआवजा किसान लेने को तैयार नहीं है। फिलहाल समझाकर मामले को शांत करा दिया गया है।









