जर्जर इमारतो की दहशत के साए में रहने को मजबूर CHC तिलहर स्टाप!



CRS शाहजहाँपुर-जनपद का तिलहर सामूदायिक स्वास्थ्य केन्द की आवासीय कालोनी के जर्जर फ्लैटो में रह रहे अस्पताल कर्मी और डॉक्टर दहशत के साए में रहने को मजबूर हैं! सिफारिश व शिकायत के बाद भी CHC स्टाप के लिए चिकित्सा विभाग कोई बंदोबस्त करना तो दूर इमारतो की मरम्मत तक नही करा सका!
लगभग चार दशक पूर्व निर्माण कराई गई अस्पताल कालोनी के फ्लैट अब रहने के लायक नही क्यूंकि जर्जर फ्लैट कब कहाँ से ढ़हना शुरु करदें कुछ पता नही! बाबजूद इसके, तिलहर CHC में तैनात बाहर से आने वाला स्टाफ इन्ही जर्जर फ्लैटो में रहने को मजबूर है!
सरकारी स्तर से इमारत निर्माण का कार्य कौन से मानक से होता आ रहा है यह किसी से छिपा नही है! अस्पताल सिस्टम और उसकी व्यवस्थाओं की चेकिंग जहाँ आए दिन होना आम बात बन रही है तो वहीं अस्पताल में काम करने वाले डॉक्टर से लेकर स्टाप नर्स तक के लिए रहने कोई ठीक इंतजाम की जांच करने की किसी को फुर्सत नही!
विगत दो दिन पूर्व, अस्पताल का दौरा करने पहुंचे जनपद प्रभारी मंत्री महोदय, शिकायत के चलते डॉक्टर हटाने और opd के बाद भी डॉक्टरो की ड्यूटी चालू रखने के सम्बन्ध में काफी सख्त तेबर में दिखाई दिए परन्तु उन्हे दहशत में रहने को मजबूर अस्पताल स्टाफ की जानकारी देने वाला कोई शिकायती दिखाई नही पड़ा!
अस्पताल की ठप्प व्यवस्थाओं जहाँ स्टाप के रहने की ही जगह सही सलामत न हो और डॉक्टर दहशत में हो तो ऐसे में वे मरीज का ट्रीटमेंट भी ठीक से कैसे कर सकेंगे यह काफी अहमियत रखता है लेकिन प्रदेश भर में विकास की दौड़ जहाँ बहुत तेज़ सुनने को मिल रही है तो वहीं तिलहर स्थित अस्पताल और अस्पताल कालोनी की जर्जर हालत देख कर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि हम किने विकसित हो रहे हैं!









