नगर की सड़को पर सरकार की मरहवा की सदा बुलन्द! जुलुस के समापन पर चैन-ओ-अमन की मांगी गई दुआएं! सम्मान सहित लहराता नज़र आया तिरंगा!


CRS तिलहर/शाहजहाँपर-12 रवीउल अब्बल के मौके पर जुलूस-ए-मुहम्मदी निकाला गया! मोहल्लो की गलियों व नगर की मुख्य सड़को तक सरकार की आमद मरहवा की सदा बुलन्द रही! हर वर्ष रबीउल अब्बल के मौके पर जुलूस-ए-मुहम्मदी नगर के शमसिया फैजाने हाथम स्थित कच्चा कटरा से सज्जादानशीन इकबाल हुसैन उर्फ फूल मियाँ के नेतृत्व में दरगाह हाथम अली शाह की दरगार से शुरु होकर अस्पताल रोड से होकर पुराना बस अड्डा चौक और फिल एल० आई० सी रोड मौजमपुर, मीरगंज इमली, जेरबगद आदि मोहल्लो की गलियों से गुजर कर बापस दरगाह हाथम अली शाह मियाँ पहुंच कर समापन होता है!
वहीं दूसरा जुलूस-ए-मुहम्मदी मदरसरा अंजुमन-ए-इस्लामिया मौजमपुर से हर वर्ष शुरु होता आया है जिसमे जगंल बाली मस्जिद सहित कई छोटे छोटे ग्रुप जुलूस को बड़ा बनाते हुए बाजार के मुख्य चौराहे से होता हुआ बिरियागंज और वहाँ से खड्डी बाली पुलिया उम्मरपुर, कच्ची मस्जिद, मौलागंज होता हुआ चौपड़ा मिल चौराहे से फिर बहादुरगंज जंगल बाली पहुंच पहुंच कर समापन होता आया है!
12 रवीउल अब्बल के मौके पर पांच से सात नेतृत्व में नगर की सड़को पर निकलने बाला जुलूस- ए-मुहम्मदी में मरहवा या रसूल्लाह, लब्बैक लब्बैक या रसूलुल्ला, सरकार की आमद मरहवा की सदा बुलन्द रहती है! इस मौके पर नगर के विभिन्न स्थानो पर लंगरेआम का इंतज़ाम किया जाता है! जूलूस में शहर इमाम, शहर काज़ी, उल्मा-ए-किराम सहित हजारो की संख्या में नौजवान, बूढ़े और बच्चे शामिल होते आए हैं! इस दौरान रवीउलअब्बल के झंण्डो के बीत सम्मान तिरंगा लहराता नजर आया!









