
CRS NEWS रायबरेली: समाजवादी पार्टी (सपा) ने भाजपा पर ग़ाज़ियाबाद की समस्याओं को नजरअंदाज करने और भ्रष्टाचार में लिप्त रहने का गंभीर आरोप लगाया है। सपा नेताओं ने भाजपा पर शहर में केवल जाम, प्रदूषण और बुनियादी सेवाओं की कमी के सिवाय कुछ न देने का आरोप लगाया है।
सपा नेताओं का कहना है कि भाजपा की अंदरूनी राजनीति और ग़ाज़ियाबाद की स्थिति पर उदासीनता के चलते यहाँ विकास रुका हुआ है। ग़ाज़ियाबाद के लोग सड़क जाम, पानी की कमी और प्रदूषण से जूझ रहे हैं। उनका आरोप है कि शहर की निकटता के बावजूद दिल्ली और लखनऊ दोनों से ग़ाज़ियाबाद का इंजन नहीं मिलता, और केवल राजनीतिक द्वंद्व का शिकार होकर रह जाता है।
सपा ने इस बार ग़ाज़ियाबाद में अपनी ताक़त दिखाने और भाजपा के शहरी गढ़ में सेंध लगाने की रणनीति तैयार की है। सपा नेताओं का कहना है कि इस बार संगठन के हर कार्यकर्ता को बूथ स्तर पर 100% मेहनत करनी होगी। “सही रणनीति ही जीत का मंत्र है,” सपा नेताओं ने अपने कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा। उन्होंने दावा किया कि भाजपा हर हथकंडा अपनाएगी, लेकिन सपा का PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) गठबंधन एकजुट रहेगा और नया इतिहास लिखेगा।
सपा नेताओं ने कहा कि ग़ाज़ियाबाद के परंपरागत भाजपा समर्थक व्यापारी भी अब GST और अन्य विभागों की वसूली और भाजपा के चंदे की मांग से दुखी होकर बदलाव की ओर देख रहे हैं। वहीं, ‘अग्निवीर’ योजना से निराश युवा, शिक्षामित्र, आशा कार्यकर्ता और पुरानी पेंशन के मुद्दे पर संघर्षरत सेवानिवृत्त लोग भी सपा का समर्थन कर रहे हैं। सपा का दावा है कि यह असंतोष भाजपा को भारी पड़ सकता है।
सपा नेताओं ने भाजपा पर ग़ाज़ियाबाद की जनता को धोखा देने का आरोप लगाया। उन्होंने भाजपा को वोट देने वाले लोगों से अपील की कि इस बार वे सोच-समझकर वोट करें और अपने शहर के विकास के लिए बदलाव का समर्थन करें। उनका कहना है कि ग़ाज़ियाबाद में भाजपा की नाकामी और धोखे का सबसे बड़ा प्रतीक यह शहर खुद है, जो विकास के अभाव और भाजपा की वादाखिलाफी का शिकार बन चुका है।
सपा ने अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संदेश देते हुए कहा, “मतदान भी, सावधान भी” का मंत्र अपनाएं। पार्टी का कहना है कि ग़ाज़ियाबाद में बदलाव का यह मौका है, जहां सभी वर्गों — पिछड़े, दलित, मुस्लिम, सिख, जैन, बौद्ध, आदिवासी, किसान, मजदूर, नौकरी पेशा, बुजुर्ग, और व्यापारी — भाजपा की नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर सपा के समर्थन में आएं और ग़ाज़ियाबाद में एक नई राजनीति की शुरुआत करें।










