
CRS NEWS: संभल जिले में जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान हुई हिंसा के बाद प्रशासन ने इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी थीं, जिन्हें शुक्रवार शाम बहाल कर दिया गया। साथ ही, अनधिकृत बाहरी लोगों के प्रवेश पर लगे प्रतिबंध को 10 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है। इसके तहत किसी भी राजनीतिक दल के जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों को जिले में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है।
शुक्रवार शाम चार बजे इंटरनेट सेवाएं फिर से शुरू की गईं। इससे छह दिनों से डिजिटल संपर्क से कटे लोग राहत महसूस कर रहे हैं। इंटरनेट बंद होने के चलते बैंकिंग और ऑनलाइन लेन-देन जैसे कामकाज प्रभावित हुए थे। सेवाएं बहाल होते ही व्यापारिक गतिविधियां सामान्य हो गईं और रुके हुए लेन-देन भी निपटाए गए।
छात्रों और नौकरीपेशा लोगों ने ऑनलाइन कक्षाओं और कार्य बाधाओं के खत्म होने पर संतोष जताया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट और अफवाह फैलाने वालों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी और संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
प्रतिबंध के तहत शनिवार को संभल आने वाले समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को जिले में प्रवेश से रोका जा सकता है। प्रशासन ने जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया है।
बरेली जिले के मौलाना तौकीर, जो जुमे की नमाज के बाद संभल जाने के लिए निकले थे, उन्हें पुलिस ने सीबीगंज क्षेत्र में हिरासत में ले लिया। उन्हें शांतिभंग के आरोप में कुछ समय बाद रिहा कर दिया गया। हिरासत के दौरान मौलाना तौकीर ने पुलिस प्रशासन के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
स्थानीय निवासियों ने इंटरनेट सेवा बहाल होने पर प्रशासन का धन्यवाद दिया और उम्मीद जताई कि हालात सामान्य बने रहेंगे। वहीं, व्यापारियों ने डिजिटल लेन-देन और व्यावसायिक कार्यों में सुधार होने पर राहत महसूस की।
प्रशासन ने इंटरनेट सेवा बहाल करते हुए चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जुमे की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने के बाद जिले में शांति और सौहार्द बनाए रखने के प्रयास जारी हैं।










