
मदरसा शराफत उल उलूम मुस्तफाबाद ऊंचाहार में कार्यक्रम प्रस्तुत करते बच्चे
सलोन रायबरेली। मदरसा शराफत उल उलूम मुस्तफाबाद ऊंचाहार का सालाना जलसा हजरत मौलाना मशहूदुस्सलाम नदवी की अध्यक्षता में देर रात संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आरंभ तिलावत ए कुरान से हुआ। मुख्य अतिथि मौलाना सैयद अब्दुल अली हसनी नदवी ने उपस्थित जनों को अपने संबोधन में कहा” हमें अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा और संस्कार देना चाहिए। जिससे वह आगे चलकर देश के अच्छे नागरिक बन सकें। अगर बच्चे शिक्षित होंगे तो अशिक्षा रूपी अंधकार स्वयं दूर हो सकेगा ।इस मदरसे के बच्चों ने जिस प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया वह सराहनीय है। यहां के शिक्षक एवं शिक्षिकाएं बधाई के पात्र हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि इस मदरसे के बच्चे कल भारत के नव निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे। अध्यक्षता कर रहे मौलाना मशहूदुस्सलाम नदवी ने इस वर्ष हाफिज बने छात्र मोहम्मद मुआविया एवं मोहम्मद अजहर की दस्तार बंदी की तथा प्रतिभागी बच्चों को पुरस्कृत करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम का संचालन मौलाना कमरूज्जमा नदवी ने किया । इसी विद्यालय में पूर्व में शिक्षक रहे मोहम्मद इस्माइल खान ने अपने विचार साझा करते हुए अभिभावकों से मदरसे में अधिक से अधिक नामांकन कराने की अपील की। मदरसा के मुहतमिम मौलाना मोहम्मद मुख्तार नदवी ने सभी आगंतुकों का स्वागत करते हुए मदरसा की रूदाद प्रस्तुत की। मदरसा के शिक्षक शिक्षिकाओं के साथ-साथ मौलाना मोहम्मद शकील नदवी ,मौलाना मोहम्मद अहमद नदवी ,हाफिज रिजवान अहमद,मोहम्मद कलीम, डॉक्टर मोहम्मद तय्यब, अनवारुल हसन , आदि ने अहम भूमिका निभाई। मौलाना कमरुज्जमा नदवी ने सभी के प्रति आभार ज्ञापित किया।










