
CRS NEWS लखनऊ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि इतिहास में वही जाति या कौम जीवित रहती है, जो अपने पूर्वजों के शौर्य एवं पराक्रम का स्मरण कर उसे अपने जीवन का हिस्सा बनाती है। सिखों की समृद्धि और प्रगति का मूल कारण उनकी गुरु परम्परा के प्रति अगाध श्रद्धा और निष्ठा है। गुरु नानक देव महाराज से लेकर गुरु गोविन्द सिंह महाराज तक की अद्वितीय गुरु परम्परा ने भारत, भारतीयता और सनातन धर्म की रक्षा हेतु बार-बार सर्वोच्च बलिदान दिया।
मुख्यमंत्री जी गोरखपुर के पैडलेगंज स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में गुरु ग्रन्थ साहिब के 421वें प्रकाश पर्व के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने गुरुद्वारे में पर्यटन विभाग द्वारा कराए गए विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि गुरु गोविन्द सिंह जी के चारों साहिबजादों ने धर्म और देश की रक्षा के लिए जो अप्रतिम बलिदान दिया, वह सिख परम्परा की गौरवगाथा है। उन्होंने कहा कि सिख धर्म का इतिहास केवल अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र और धर्म के लिए जीने और बलिदान देने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 26 दिसम्बर को वीर बाल दिवस घोषित करने के निर्णय को सिख परम्परा और उनकी भावनाओं के अनुरूप बताया। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि गोरखपुर सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश के सभी सिख अनुयायियों को अब बेहतर सुविधाओं के साथ गुरुद्वारे में धार्मिक आयोजनों में सम्मिलित होने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुद्वारे का लंगर केवल भोजन ही नहीं, बल्कि समरसता और भाईचारे का प्रतीक है, जिसमें सभी जाति और धर्म के लोग बिना किसी भेदभाव के सम्मिलित होते हैं। यह गुरु परम्परा की अद्वितीय शिक्षा है, जिसे हर किसी को आत्मसात करना चाहिए।
इस अवसर पर सांसद श्री रवि किशन शुक्ल, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेन्द्र सिंह, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव सहित सिख समुदाय से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।










