रिपोर्ट by धीरेन्द्र प्रताप
कांग्रेस के स्थापना दिवस के अवसर पर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने देशभर के कांग्रेसजनों को शुभकामनाएं दीं और सभी को नए वर्ष की अग्रिम बधाई दी। उन्होंने कहा कि 28 दिसंबर 1885 को मुंबई में स्थापित कांग्रेस भारत की आज़ादी की लड़ाई से निकली वह ऐतिहासिक धारा है, जिसने दशकों तक अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष किया और अनगिनत बलिदान दिए।
खड़गे ने कांग्रेस के संस्थापकों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि जिन महापुरुषों ने संविधान और लोकतंत्र की नींव रखी, कांग्रेस उनके सपनों के भारत को साकार करने के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी।
उन्होंने कहा कि आज देश में संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाएं गंभीर संकट का सामना कर रही हैं। कांग्रेस ने आज़ादी से पहले जिन मौलिक अधिकारों की रूपरेखा तैयार की थी, वही आज हमारे संविधान का आधार हैं, लेकिन मौजूदा सरकार उन्हें कमजोर करने का प्रयास कर रही है।
कांग्रेस पर सवाल उठाने वालों को जवाब देते हुए खड़गे ने कहा कि कांग्रेस की ताकत सत्ता नहीं, बल्कि उसकी विचारधारा है। सत्ता भले ही कम हो, लेकिन कांग्रेस ने कभी संविधान, धर्मनिरपेक्षता और गरीबों के अधिकारों से समझौता नहीं किया और न ही करेगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कभी धर्म के नाम पर राजनीति नहीं की और न ही समाज को बांटने की कोशिश की। कांग्रेस ने हमेशा देश को जोड़ने का काम किया है, जबकि भाजपा की राजनीति समाज को तोड़ने वाली है।
खड़गे ने आरोप लगाया कि आज सत्ता में बैठे लोग सच्चाई से बच रहे हैं, इसलिए कभी आंकड़े छिपाए जाते हैं, कभी जनगणना रोकी जाती है और कभी संविधान बदलने जैसे बयान सामने आते हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग आज इतिहास की बातें करते हैं, उनके पूर्वज आज़ादी की लड़ाई से दूर खड़े थे।
महात्मा गांधी के योगदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि गांधी जी ने कांग्रेस को सामाजिक सुधार, समानता, आर्थिक न्याय और सांप्रदायिकता के विरोध का मंच बनाया। इसके विपरीत, मौजूदा सरकार कांग्रेस द्वारा स्थापित संस्थानों को कमजोर कर रही है और देश की संपदा व संसाधनों पर खतरा बढ़ रहा है।
अंत में खड़गे ने कहा कि भाजपा और आरएसएस जनता के अधिकारों को दबाने का प्रयास कर रहे हैं और कांग्रेस ऐसी हर कोशिश का मजबूती से मुकाबला करेगी। कांग्रेस एक विचारधारा है और विचारधारा को खत्म नहीं किया जा सकता










