उत्तर प्रदेश के जनपद शाहजहाँपुर में जलालाबाद की पुलिस की सयुक्त टीम ने साइबर ठगी का आज बहुत बड़ा खुलासा कर दिया!
थाना जलालाबाद पुलिस व क्राइम हेल्पडेस्क टीम द्वारा ऑनलाइन स्टॉक मार्केट निवेश के नाम पर संगठित साइबर ठगी का बड़ा खुलासा करते हुए 1 अभियुक्त को 02 लैपटॉप और 02 मोबाइल फोन सहित गिरफ्तार कर बड़ा सराहनीय काम किया है!
जनपदीय साइबर क्राइम सेल व साइबर क्राइम हेल्पडेस्क थाना जलालाबाद की संयुक्त पुलिस टीम ने आनलाइन स्टॉक मार्केट निवेश के नाम पर संगठित साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया और मोनू त्यागी पुत्र ईश्वरचन्द्र त्यागी निवासी म०नं० 22 से०-64 शनिमंदिर के पास मैदाबास बादशाहपुर थाना सेक्टर-65 गुडगांव हरियाणा उम्र करीब 30 वर्ष को गिरफ्तार किया।
मामला-मु०अ०सं० 604/25, धारा 318(4)/336(3)/338/340(2)/3(5) बीएनएस तथा 66(D) IT Act से संबंधित वांछित अभियुक्त टिंकल गुप्ता की तलाश में क्षेत्र में मामूर थी! उक्त अभियोग में नामजद अभियुक्त टिंकल गुप्ता के सह अभियुक्त/संदिग्ध विमल गुप्ता से फोन के माध्यम से जुड़ाव पाया गया था। साइबर फ्रॉड में संलिप्त पाए गए अभियुक्त मनीष गुप्ता निवासी बाराबंकी, उ.प्र. द्वारा सूचना मिली कि ग्लोबल ट्रेड कंपनी को संचालित करने वाला अभियुक्त अक्षय शर्मा, मोबाइल नंबर 8826885436 का उपयोग करता है। मोबाइल की IMEI रन कराई गई, जिसमें एक अन्य मोबाइल नंबर 9773834954 (Realme C55) भी सक्रिय पाया गया।
प्राप्त लोकेशन के आधार पर सर्विलांस सेल से प्राप्त सूचना का पीछा करते हुए पुलिस टीम फर्रुखाबाद से दिल्ली मार्ग पर जरियनपुर के पास पहुँची। वहाँ सड़क किनारे खड़े एक संदिग्ध व्यक्ति को घेरकर रोका गया। पूछताछ में उसने अपना नाम मोनू त्यागी पुत्र ईश्वरचंद्र त्यागी, मकान नं. 22, सेक्टर 64, शनि मंदिर के पास, मैदाबास, बादशाहपुर, गुरुग्राम (हरियाणा) बताया। अभियुक्त की जामा तलाशी में पहने लोअर की बाईं जेब से Realme C55 (काला रंग) बरामद हुआ जिसमें SIM 1-9773834954 व SIM 2-8826885436 चलती हुई पायी गयी तथा IMEI-1: 862286066375231 व IMEI-2: 862286066375223 पायी गयी । इसके साथ ही यह मोबाइल अभियुक्त मनीष गुप्ता के साथ व्हाट्सएप चैट से जुड़ा पाया गया।
इसके अलावा लोअर की दाईं जेब से एक iPhone 13 (सफेद रंग) टूटा हुआ पर चालू अवस्था में मिला जिसमें मोबाइल नंबर: 9560638226 तथा IMEI-1: 350340390209514 ,IMEI-2: 350340390753347 पायी गयी । तथा पहनी जैकेट की जेब से दो नोट 500-500 रुपये कुल 1000/. बरामद हुये जिन्हें वापस जेब में रख दिया गया । पकड़े गये व्यक्ति के पीठ पर लटके पिट्ठू बैग को चैक किया गया तो बैग से एक Dell कंपनी का लैपटॉप (काला रंग) बरामद हुआ जिसको ऑन करने पर डेस्कटॉप पर Global Trade का आइकन मिला तथा खोलने पर GlobalTrade24.com का मुख्य पेज अक्षय शर्मा नाम से लॉगिन पाये जाने की पुष्टि हुई । यह ID पूर्व मे गिरफ्तार अभि० टिंकल गुप्ता द्वारा भी प्रयोग की जा रही थी तथा अन्य साक्ष्य भी मेल खाते हैं लैपटॉप का डाटा मौके पर 2 पेन ड्राइव में कॉपी किया गया। एक पेन ड्राइव को मौके पर ही सील किया गया तथा दूसरी को साक्ष्य संकलन एवं अवलोकन हेतु सुरक्षित रखा गया। एक अन्य ASUS लैपटॉप (मॉडल X555L, काला रंग) बरामद हुआ जो बैटरी डिस्चार्ज होने से ऑन नहीं हो पाया। एक Lappy Power कंपनी का चार्जर (Model LPHP06501) भी बरामद हुआ । बरामद मोबाइलों का डाटा भी उक्त पेन ड्राइवों में कॉपी किया गया जिन्हें थाना पहुँचकर डाटा के प्रिंट निकालकर उसे केस डायरी व सीडी भाग में शामिल किया जाएगा।
पूछताछ में पकडे गये व्यक्ति ने बताया कि वह Arc Trade के सर्वर पर Aksay Sharma नाम से फर्जी ID बनाकर अपनी पहचान छुपाकर अपने साथियों मनीष गुप्ता (बाराबंकी), वीरेश गुप्ता व नीरव के साथ मिलकर ऑफलाइन वर्चुअल ट्रेड (फर्जी स्टॉक मार्केटिंग) का अवैध कार्य करता था । इससे जो कमाई होती है उसी से वह अपना खर्चा चलाता है कमाए गए धन को वह अपनी Mind & Motion नाम कीकम्पनी के Yes Bank खाता में ट्रांसफर कराता था। अवैध गतिविधियों से जुड़ाव पाए जाने पर अभियुक्त मोनू त्यागी को उसे उसके अपराध मु0अ0सं0 604/25 धारा 318(4)/336(3)/338/340(2)/3(5) बीएनएस व 66D IT Act से अवगत कराते हुए समय 01:45 बजे गिरफ्तार कर पुलिस हिरासत में लिया गया। अभियुक्त के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।
पुलिस के अनुसार अभियुक्त मोनू त्यागी उपरोक्त ने पूछने पर माफी मागते हुए बताया कि मैं एमबीबीएस डाक्टर हूँ और स्नातक की तैयारी कर रहा हूँ मै कुछ वर्ष पूर्व लालच मे आकर गूगल पर आर्कटेक्नोलोजी के बारे मे सर्च करने लगा तो आर्क टोक्नोलाजी के सर्वर पर ग्लोबल ट्रेड नाम की कम्पनी का बेबसाइड पेज देखा तो मै उससे जुड गया ग्लोबल ट्रेड ऐसा सोफ्टेबेयर है जो आफलाइन शेयर मार्केट मे इन्वेस्टमेन्ट करने का प्लेटफोर्म है जो आरिजनल आनलाइन शेयर मार्केट की तरह काम करता है लेकिन यह साफ्टवेयर वर्चुअल होता है इसमे हम अपने क्लाइंट को इन्वेस्टमेन्ट की धनराशी मे प्रोफिट व लाँस अपनी इच्छानुसार दिखा सकते है। जिसमे मैं लोगो को ग्लोवल टर्ड की आईडी व एक्सिस उपलब्ध कराता था उनकी आईडी बनवाकर एडमिन एक्सिस तथा उनके द्वारा अपने क्लाऩ्ट की आईडी जनरनेट करने तथा उसमे बैलेन्स एड करने का एक्सिस देता था। उनकी के द्वारा प्रयोग की जाने वाली आईडी का एक्सेस व कण्ट्रोल एडमिन व मेरे पास रहता था वर्तमान मे मेरे अन्डर मे तीन पैनल काम रहे थे जिनमे बारांबकी के मनीष गुप्ता तथा मध्य प्रदेश के वीरेश गुप्ता तथा गुजरात के नीरव काम कर रहे है पिछले महीने दिनांक 17.12.2025 को मेरे पास बाराबंकी के मनीष गुप्ता मोबाइल न० 9956696559 से व्हाट्सअप पर मैसेज विमल गुप्ता की लोगिन आईडी पासवर्ड बदलने के लिए आया था तो मैने विमल गुप्ता की लांगिन आईडी व पासवर्ड बदल दिये थे। मै अपने मोबाइल मे मो० न० 8826885436 से व्हाट्सअप चैट पर ही आपस मे सम्पर्क करता था मै जो आईडी उपलब्ध कराता था उसके लिए 800/- रुपये प्रति आईडी मुझे कमीशन नगद मिल जाता था मैने अक्षय शर्मा की आईडी से ही ग्लोबल ट्रेड से जुडे सभी आईडी धारको से सम्पर्क करता था मेरा वास्तविक नाम मोनू त्यागी किसी को पता नही था। मैने अक्षय शर्मा के नाम से गुडगांव मे माइंड एण्ड मोशन नाम से कम्पनी का रजिस्ट्रेशन कराया था जो मेरे द्वारा संचालित की जाती थी। जिसमे मेरे परिचित रमेश कुमार पुत्र शिवनारायण निवासी बुराडी दिल्ली की आईडी लगी हुई है । लेकिन खाता मै ही आपरेट करता था ।और बैक खाते व क्यूआर कोड जेनरेट करने का काम सर्वर पर मै ही करता था जो कि पैमेन्ट गेटवे एक्टीवेट करके एक्सेस किया जाता था लेनदेन किया जाता था। मैने पैनल के अलावा कुछ क्लाइट सीधे खुद की आईडी से जोड रखे थे जिनके ट्रेडिग लेनदेन मै माइण्ड एण्ड मोशन कम्पनी के खाते मे करवाता था। जब से विमल गुप्ता का काल सेंटर पकड़ा गया है तब से मैंने ट्रेडिंग बहुत कम कर दी है हम सभी परेशान चल रहे थे की कही पुलिस हम लोगो तक ना पहुच जाये कल मेरे पास किसी माध्यम से सूचना पहुची थी विमल ने मुझे मिलने के लिये तथा आगे की योजना बनाने के लिये बुलाया था उससे पहले आपने पकड़ लिया सहाब मेरे करियर को देखते हुए मुझे माफ़ कर दे मै मानता हूँ कि मै जो ग्लोबल ट्रेड पर काम कर रहा था उसका ट्रेडिंग नेटवर्क पूरी तरह अवैध है मैंने आर्क टेक्नोलॉजी LLC से जो सर्वर लिया हुआ है उसका में 7 हजार डालर त्रैमासिक भुगतान करता था जिसकी स्लिप मेरे फोन में पडी है तथा मेरा पेनल इस्तेमाल करने वाले मनीष गुप्ता से मेरा हर माह का हिसाब किताब एक्सल शीट में मुझे भेजता है जो मेरे फोन में पड़ी है जो सही था वो मैंने आपको सब बता दिया है और आपने मेरे मोबइल व लेपटॉप में सब देख भी लिया है मैंने कुछ छुपाया नही है!









