
CRS NEWS रायबरेली: रायबरेली में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा मनरेगा योजना को लेकर दिए गए बयानों पर केंद्र सरकार ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है। सरकार ने आरोपों को तथ्यहीन बताते हुए कहा कि मनरेगा योजना गरीबों और ग्रामीण श्रमिकों के हित में पूरी प्रतिबद्धता के साथ संचालित की जा रही है।
केंद्र सरकार के अधिकारियों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मनरेगा को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाया गया है। आधार आधारित भुगतान, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) और डिजिटल निगरानी व्यवस्था लागू कर यह सुनिश्चित किया गया है कि मजदूरी का लाभ सीधे वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचे।
सरकार ने स्पष्ट किया कि मनरेगा का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सुरक्षा प्रदान करना है और इस दिशा में लगातार सुधार किए जा रहे हैं। बीते वर्षों में करोड़ों परिवारों को इस योजना के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराया गया है, साथ ही भुगतान प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाया गया है।
केंद्र सरकार का कहना है कि योजना में अनियमितताओं और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं, जिसे विपक्ष द्वारा गलत तरीके से योजना को कमजोर करने के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। सरकार ने दोहराया कि किसी भी गरीब या मजदूर के अधिकारों से समझौता नहीं किया गया है।सरकार ने यह भी कहा कि मनरेगा के साथ-साथ प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, जल जीवन मिशन और उज्ज्वला योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त किया गया है।
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि मनरेगा सहित सभी कल्याणकारी योजनाएं देशहित और गरीब कल्याण के उद्देश्य से जारी रहेंगी और इस विषय पर किसी भी प्रकार का राजनीतिक भ्रम फैलाना दुर्भाग्यपूर्ण है।









