
CRS NEWS केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के सचिव अशोक कुमार के. मीना ने लखनऊ जनपद के गोसाईगंज विकासखंड अंतर्गत ‘चांद सराय ग्रामीण पेयजलापूर्ति योजना’ का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने योजना में अपनाई गई आधुनिक तकनीक, स्वचालन व्यवस्था और स्वच्छता मानकों की सराहना करते हुए इसे ‘उत्कृष्ट एवं आदर्श जलापूर्ति योजना’ बताया।
निरीक्षण के दौरान सचिव श्री मीना ने उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) द्वारा संचालित इस परियोजना के विभिन्न तकनीकी पहलुओं का गहन अवलोकन किया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए की गई व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की और अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
17.50 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट तथा बैकअप के लिए डीजी सेट
आधुनिक क्लोरोनेशन प्रणाली एवं SCADA आधारित स्वचालन प्रणाली, जिससे जल की गुणवत्ता और आपूर्ति पर निरंतर तकनीकी निगरानी रखी जा रही है
ग्रामीणों से संवाद, जल संरक्षण का संदेश
सचिव श्री मीना ने मौके पर उपस्थित ग्रामीणों से संवाद कर जल के विवेकपूर्ण उपयोग और संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी योजनाएं तभी सफल होती हैं, जब समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो।
कार्य की गुणवत्ता पर जताया संतोष
सचिव ने योजना की उच्च गुणवत्ता, तकनीकी दक्षता और स्वच्छ परिसर की प्रशंसा करते हुए जल निगम (ग्रामीण) के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने भविष्य में भी इसी प्रकार के उच्च मानकों को बनाए रखने के निर्देश दिए।
उल्लेखनीय है कि चांद सराय ग्रामीण पेयजलापूर्ति योजना की कुल लागत ₹260.95 लाख है। यह योजना ग्रामीण भारत में सुरक्षित, सतत और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और अनुकरणीय पहल मानी जा रही है।








