जनहित समस्याओं को सुनने के लिए प्रशासन हुआ बहरा, तिलहर में 48 दिन से चल रहा धरना।
शाहजहांपुर/तिलहर।विकास को तेजी से किए जाने का भले ही जम कर ढिंढोरा पीटा जा रहा लेकिन जमीनी स्तर से जनहित समस्याओं की मांग शांतिपूर्वक ढंग से मांगने में महीनों कोई सुध लेना वाला नजर नहीं आएगा। वर्तमान दौर में गाय को माता का दर्ज दिए जाने के बाद उनकी भी सुध लेने वाला नहीं। बल्कि यूं कहना भी गलत नहीं होगा कि 2014 के बाद गौ माता के नाम पर दर्जनों कथित संगठन रक्षा के लिए बनने के बाद गौ माता को आवारा होने से रोकने में कामयाब नहीं हो सके। चंद समय में ही नगर क्या ग्रामीण क्षेत्रों में भी छुट्टा गाय सांडों की ज्वलंत समस्या विकराल रूप धारण कर गई।
हालांकि इन छुट्टा गाय सांडों को रत्तीभर नुकसान होते कथित संगठन नहीं देख सकते परंतु इनकी आवारगी के लिए शासन/प्रशासन से आवाज़ भी नहीं उठाते और यदि इन छुट्टा गाय सांडों के पक्ष कभी कोई आवाज उड़ाता नजर भी आता तो शासन/प्रशासन उसे पूरी तरह नजर अंदाज करता रहता। यहां तक कि शांतिपूर्वक, छुट्टा गाय सांडों की ज्वलंत समस्या को लेकर भारतीय कृषक दल का शांतिपूर्वक सत्याग्रह विगत आज 48 दिन से जारी है लेकिन मजाल है कि किसी अन्य संगठन द्वारा समर्थन दिया गया हो या फिर शासन/प्रशासन द्वारा इस सत्याग्रह की सुध ली हो।
तिलहर कोतवाली के सामने शहीद कुटी के पास आज 48वें दिन जारी भारतीय कृषक दल का सत्याग्रह पर दल के राष्ट्रीय महासचिव प्रमोद यादव “जनसेवक ने संबोधित करते हुए आवाहन किया “तुम मेरा साथ दो,में तुम्हें अधिकार दूंगा” जो अधिकारी राजनेता जनता की अनदेखी करें वे स्वतः कुर्सी छोड़ दें अन्यथा एक दिन जनता उनको कुर्सियों से खदेड़ देगी। कहा कि 48 दिनों से शांतिपूर्ण सत्याग्रह की अनदेखी किसी कीमत पर स्वीकार नहीं है ऐसे अधिकारियों को कुर्सी से हटाना लोकतंत्र की प्राथमिकता होनी चाहिए।आगामी 9 फरवरी को मा० मुख्यमंत्री से मिलकर तिलहर के एसडीएम एवं छेत्राधिकारी की जनविरोधी मानसिकता को अवगत कराएंगे। ऐसे असंवेदनशील अधिकारियों को सर्किल से हटाने के लिए सत्याग्रह को व्यापक बनाया जाएगा।









