
CRS News: उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित विधानसभा घेराव से पहले प्रशासनिक सख्ती तेज हो गई है। रायबरेली में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को नजरबंद एवं हाउस अरेस्ट किए जाने का मामला सामने आया है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष पंकज तिवारी तथा ब्लॉक अध्यक्ष दीनशाह गौरा अनुरुद्ध दीक्षित को प्रशासन द्वारा उनके आवास पर रोक दिए जाने और हिरासत में लिए जाने की सूचना है। कांग्रेस पदाधिकारियों का आरोप है कि उन्हें “लोकतंत्र के मंदिर” विधानसभा तक जाने से रोका गया, जो सरकार की घबराहट को दर्शाता है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध से भयभीत है और पुलिस बल का प्रयोग कर आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि “मनरेगा बचाओ, मजदूर बचाओ” जैसे जनहित के मुद्दों को उठाने से रोकना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।
प्रशासन की ओर से फिलहाल इस कार्रवाई पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों की आवाज उठाते रहेंगे।
राजनीतिक हलकों में इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज है। विपक्षी दलों का कहना है कि लोकतंत्र में विरोध और प्रदर्शन नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है, जबकि सरकार की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दलील दी जा रही है।
कल प्रस्तावित विधानसभा घेराव को लेकर प्रदेश की राजनीति में हलचल बनी हुई है। अब देखना होगा कि प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच स्थिति किस दिशा में जाती है।









