
CRS NEWS AGENCY:- ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही बातचीत जिनेवा में हो रही है, जिसमें ओमान मध्यस्थ की भूमिका कर रहा है।
ईरान की शर्त: ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर अमेरिका ईरान की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचा रहे प्रतिबंधों को हटा ले, तो वह समझौते के लिए तैयार है।
बातचीत का दायरा: ईरान का कहना है कि बातचीत केवल उनके परमाणु कार्यक्रम पर केंद्रित रहनी चाहिए।हालांकि, अमेरिकी प्रशासन और खुद ट्रंप का मानना है कि इसमें बैलिस्टिक मिसाइल जैसे अन्य मुद्दे भी शामिल होने चाहिए।
युद्ध की तैयारी: दोनों पक्ष बातचीत करने को तैयार हैं, लेकिन साथ ही यह चेतावनी भी दे रहे हैं कि वे युद्ध की तैयारी कर रहे हैं । मध्य पूर्व में अमेरिकी सेना की तैनाती तेजी से बढ़ रही है, और ईरान ने भी लड़ने के लिए तैयार होने के संकेत दिए हैं।
समझौते की संभावना: पिछले 48 घंटों में ऐसे भी संकेत मिले हैं कि समझौता संभव हो सकता है, खासकर यदि यह सिर्फ ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर केंद्रित रहे ।
ट्रंप के लिए लाभ: ईरान ने समझौते में ऊर्जा, खनन और खनिजों से जुड़े प्रोजेक्ट्स जैसी चीजें भी शामिल की हैं, जो राष्ट्रपति ट्रंप को पसंद आ सकती हैं।









