हवालात में सिसक रहा मानवाधिकार आयोग कानून
24 घंटे के बजाए यहां एक पखवाड़े से भी अधिक रखा जाता है बंधक।
वरिष्ठ पत्रकार मनोज प्रबल
तिलहर-शाहजहांपुर। तिलहर कोतवाली पुलिस किसी भी अपराध को कारित करने अथवा उसमें शामिल होने की संभावना के चलते हिरासत में लेकर एक एक पखवाड़े से ज्यादा हवालात में रखकर मानवाधिकार आयोग के नियमों और कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ा रही है। जिसकी विभागीय उच्चाधिकारी भी अनदेखी किए हुए हैं। वहीं आयोग ने भी आंखों पर पट्टी बांध रखी है।
यहां गौर तलब है कि मथुरा जनपद से एक किशोरी के भागने के मामले में जहां नगर के मोहल्ला नजरपुर निवासी एक युवक चार फरवरी को पुलिस ने कब्जे में लिया था । उसे ग्यारहवें दिन पॉस्को व रेप के आरोप में जेल भेजा गया । वहीं उसी मामले में मथुरा जनपद क्षेत्र का ही एक अन्य अंकित सैनी नामक युवक उसी दिन से समाचार भेजे जाने तक हवालात में रखा गया है।
चर्चा है कि उक्त अंकित का कोई भी रिश्तेदार उसे सुपुर्दगी में लेने के लिए नहीं आ रहा । पुलिस उसे 20 दिन बाद आखिर भेजे तो कहां और सुपुर्दगी में दे भी तो दे किसे ? वह पुलिस की गले की फांस बन कर रह गया है।
इसी क्रम में कानपुर जनपद क्षेत्र के एक युवक को भी एक पखवाड़े के बाद मुक्त किया जाने की चर्चा गरम है। कोतवाली पुलिस के इस कारनामे की पुष्टि यह लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाले जाने पर हो सकती है। हिरासत में कई कई दिन हवालात में रखे गए संदिग्धों को लेकर उनके परिजन भी शिकायत करें तो कैसे करें। क्योंकि उन्हें तो अपने व्यक्ति की रिहाई की उम्मीद जो लगी रहती है। पुलिस के इस कारनामे से कोई अपरिचित नहीं है। कुल मिलाकर मानवाधिकार आयोग के कानून की धज्जियां उड़ाए जाने से मानवता भी सिसकने लगी है।







