बड़े अपराधिक इतिहास के मादक पदार्थ तस्करों को पुलिस 2 किलो अवैध अफीम के साथ गिरफ्तार किया।
CRS तिलहर/शाहजहांपुर। एस०ओ०जी०, सर्विलांस सेल व तिलहर पुलिस की संयुक्त पुलिस टीम मादक पदार्थ की तस्करों के रूप में 2 किलोग्राम अफीम के साथ दो व्यक्तियों को दबोच लिया। मादक पदार्थ तस्कर इन दो व्यक्तियों में 68 वर्षीय बैजनाथ नमक व्यक्ति का अपराधिक इतिहास पुलिस के अनुसार काफी लंबा है। पुलिस ने जारी अपनी प्रेस विज्ञप्ति की अपराधिक सूची के नंबर 4 पर मु०अ०सं० 322/99 धारा 18/20 NDPS ACT तथा 8 नंबर पर मु०अ०सं० 322/98 धारा 18/20 NDPS ACT यानि यह कोई इत्तेफाक नहीं दो अलग अलग वर्षों में एक ही धारा में मुकदमा पंजीकरण संख्या एक ही भले ही वर्ष 98 और 99 भिन्न हो। बैजनाथ तिलहर से सटे गांव खानपुर का निवासी है जबकि इसी के साथ दूसरा व्यक्ति अभियुक्त के रूप में अनिल पुत्र रघुनाथ उम्र करीब 30 वर्ष जो कि ग्राम नवादा रूद्रपुर थाना मदनापुर जनपद शाहजहाँपुर का निवासी बताया गया है।
पुलिस विज्ञप्ति के अनुसार दोनों को एक-एक किलो अफीम के साथ हाइवे पर अग्रवाल होटल के सामने से गिरफ्तार किया गया। मौके पर संयुक्त टीम की जामा तलाशी में अभियुक्त बैजनाथ के पास एक प्लास्टिक की पारदर्शी पन्नी मे करीब 01 किलोग्राम अफीम व एक कीपैड मोबाईल फोन नोकिया कम्पनी काले रंग का तथा अभियुक्त अनिल से भी एक पारदर्शी पन्नी मे करीब 01 किलोग्राम अफीम अवैध व 01 की पैड मोबाईल फोन आईटेल कम्पनी संतरी रंग, साथ ही 660 रूपये नगद पर्स के साथ बरामद किए गए। हालांकि यह सराहनीय कार्य पुलिस की संयुक्त टीम ने
17 फरवरी 2026 रात लगभग पौने नौ बजे किया। इस मामले में पुलिस ने तिलहर कोतवाली में NDPS एक्ट की धारा 8/8 मु.अ.सं.83/2026 कर दोनों अभियुक्तों को न्यायालय पेश कर दिया।
पुलिस ने बैजनाथ का अपराधिक इतिहास में लगभग 9 पंजीकृत मुकदमे दर्शाए जिनमें 5 और 6 पर एक और संयोग है वो यह कि वर्ष 2000 में दो मुकदमे 292 NDPS एक्ट में और दूसरा 293 25 A. ACT हैं। पुलिस के अनुसार अभियुक्त ने पूंछ ताछं खुलासा करते हुए बताया कि उसके दो लड़के जेल में है जिनकी जमानत कराने के लिए वे पैसों को इकट्ठा करने के लिए झारखंड से अफीम लाकर, पंजाब बेचने जा रहे थे। इसी को बेच कर परिवार का पालन पोषण करता हूं।
सूत्रों की माने तो मादक पदार्थों के कारोबार के संबंध में तिलहर ही नहीं बल्कि कटरा और जलालाबाद की अक्सर चर्चा सुनने को मिलती रहती है लेकिन इसके बाद भी स्थानीय पुलिस द्वारा कार्यवाही होते कभी चर्चा होते नहीं सुनी, चर्चा जब भी सुनने को मिली तो SOG की कार्यवाही ही होती। तिलहर उम्मरपुर, खानपुरा, कोहलैया आदि मादक पदार्थों की बिक्री के लिए चर्चा का विषय बने रहते है। पुलिस की बीट, फिट होने के बाद भी पुलिस की नजर से इन क्षेत्रों का बचा रहना काफी मुश्किल लगता है परंतु फिर भी कभी स्थानीय पुलिस के लिए यह गंभीर विषय नहीं बना। “नशा करे घोर विनाश, खुद का घर का सत्यानाश”








