बदायूं–अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधि मंडल शीघ्र प्रमुख सचिव से मिलने लखनऊ रवाना होगा। विदित रहे कि अधिवक्ता का अपनी मांगों के समर्थन में एसडीएम और तहसीलदार न्यायालय का चौदहवें दिन बहिष्कार जारी रहा ।अधिवक्ताओं ने कचहरी परिसर से जुलूस निकाल कर तहसील में एसडीएम और तहसीलदार के खिलाफ नारेबाज़ी की बार एसोसियेशन के अध्यक्ष रविन्द्र नारायण सक्सेना व सेंट्रल बार वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष जावेद इकबाल नकवी ने संयुक्त रूप से कहा अदालतों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार फैला हुआ है। कर्मचारी बेलगाम है धारा 80 के मुकदमे में जमकर वसूली की जा रही है। लेखपाल चार,पांच माह तक फाइल पर रिपोर्ट लगाकर अदालत में नहीं भेजते हैं।
फाइल को अपने पास रखते हैं। यही हाल तहसीलदार न्यायालय का है यहां भी भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है जिसकी शिकायत कई बार उच्चअधिकारियों से की गई। मगर कोई नतीजा नहीं निकला। अधिवक्ताओं की नारेबाजी को सुनकर एसडीएम महिपाल सिंह और तहसीलदार शिवकुमार शर्मा अपने अन्य कर्मचारियों के साथ बाहर आ गए। तहसीलदार शिवकुमार शर्मा खुला हुआ पिस्टल लगाए हुए। थे। अधिवक्ताओं की एक आपातकालीन बैठक दोपहर बाद पुनःआयोजित की गई । जिसमें सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया की जब तक एसडीएम और तहसीलदार का स्थानांतरण नहीं हो जाता है बहिष्कार जारी रहेगा। इस संबंध में अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल शीघ्र प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश शासन व सचिव राजस्व परिषद से मिलने लखनऊ रवाना होगा अधिवक्ताओं का यह प्रतिनिधिमंडल तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार और अदालतों में बढ़ती जा रही अनियमितताओं का काला चिट्ठा प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश शासन के समक्ष रखेगा। और एसडीएम के काले कारनामों से अवगत कराएगा। इस दौरान बैठक में जितेंद्र सिंह यादव, महावीर सिंह यादव, मुजफ्फर सईद, श्याम बाबू सक्सेना, रविंद्र नारायण सक्सेना, जावेद इकबाल नकवी, रागिव अली, सरफराज अली, राकेश सैनी, धर्मेंद्र यादव, सोमबीर यादव, सनी मिश्रा, मजाहिर।अली, सुशील सैनी, शाहिद जमा, ओसामा अंसारी, सतीश यादव, आदि मौजूद रहे।












