गदागंज रायबरेली-
गदागंज थाना क्षेत्र में अवैध शराब व गांजे का व्यापार फल फूल रहा आपको बता दें कि जहां एक ओर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार बड़े बड़े वादा करती है शासन प्रशासन को लेकर वही रायबरेली के गदागंज थाना क्षेत्र की स्थानीय पुलिस पर कहीं न कहीं सवालियां निशान खड़े हो रहे हैं क्योंकि जिम्मेदारों कीगदागंज अनदेखी जब उजागर हो गई है कि अवैध खनन, अवैध शराब, गांजे का व्यापार सब पुलिस के रहमो-करम पर फल फूल रहा है गरीब जनता पस्त जिम्मेदार मस्त क्षेत्र के दलालों व चापलूसों की बल्ले-बल्ले थाना के दलाल सुबह ठीक समय से थाने आकर थाने की गणेश परिक्रमा लगाते हैं यहां वहीं कहावत सटीक बैठती है जब सईयां भए कोतवाल तो डर कहेका गदागंज थाना क्षेत्र में कच्ची शराब के अवैध ठिकाने अनगिनत हैं कुछ बानगी तौर जानकारी दी जा रही है गदागंज थाना क्षेत्र में मदरसा का पुरवा,पम्पापुर,शेखूपुर, खजुरी,कटरा आदि दर्जनों गांवों में कच्ची शराब बनती है और व्यापार फल फूल रहा है वहीं अवैध गांजे के भी कई ठिकाने हैं बरेथ,नारापर की गढ़ी,मतीन गंज,ककोरन, गौरा,में गांजे का व्यापार पुलिस की साठ गांठ से होता रहता है अब जब जिम्मेदार ही साठ गांठ करेंगे तो क्या होगा खाक जिम्मेदारों की अनदेखी को लेकर विभाग के आला अधिकारी भी मौन चुप्पी साधे रहते हैं प्रशासन व्यवस्था भी चुस्त दुरुस्त नहीं नजर आ रही है गदागंज
पुलिस की यह रवैया है कि इस क्षेत्र में पत्रकार भी सुरक्षित नहीं है अपराधियों को पुलिस का भय बिल्कुल नहीं है अभी हाल में ही बीते दिनों एक दैनिक समाचार पत्र के क्षेत्रीय पत्रकार के साथ दिन दहाड़े लूट व छिनैती की घटना घटी थी गदागंज पुलिस घटना का अंजाम देने वाले अपराधी को अभी तक नहीं पकड़ पाई है गदागंज थाना प्रभारी एक दो चहेते पत्रकार साथियों को बुलाकर अपने हिसाब से ख़बर लगवा लेते हैं अन्य पत्रकार साथियों को झूठी सूचना देकर बात करना मुनासिब नहीं समझते किसी घटना के बारे में फोन करने पर बताने में आनाकानी करना गदागंज थाना प्रभारी अरविन्द सिंह के मिजाज में हो गया है थाने का कोई भी मामला हो कुछ चाटुकार दलालों द्वारा पहले डील फाइनल की जाती है थाना प्रभारी द्वारा कुछ पत्रकारों का फोन ही नहीं उठाया जाता उठाया जाता है तो जानकारी देने में आनाकानी की जाती है वहीं सबसे बड़ी बात यह है कि थाना प्रभारी द्वारा आला अधिकारियों को गुमराह कर ग़लत सूचना व रिपोर्ट दी जाती है ऐसा जब जिम्मेदार करेंगे तो शासन प्रशासन व्यवस्था में क्या खाक सुधार होगा वाह रे सरकार के जिम्मेदार फिलहाल देखना यह है कि क्या क्षेत्र में अभी भी कच्ची शराब, अवैध गांजे का व्यापार स्थानीय पुलिस के रहमो-करम पर चलता रहेगा कि जिम्मेदारो द्वारा अंकुश लगाया जाएगा।









