गाँव के खेतो पुराली जले तो प्रदूषण और नगर आवादी में कूड़ा जले तो.?

CRS शाहजहाँपुर से इमरान सागर!
ग्रामीण क्षेत्र के खेतो में धान पुराली जलाने से वातावरण दूषित हो जाता है! धुएँ के उठते गुवार ग्रामीण क्षेत्रो में बसने वाले मानुष्य और जानबरो के लिए खातक बताए जाते हैं! और इस कृत के चलते किसानो पर दण्ड के तौर जुर्माना बसूली का कार्य प्रशासन स्तर पर कदापि ग़लत नही लेकिन नगर की आबादी के बीच लगे कूड़े बदबूदार ढ़ेरो में आग लगा कर नष्ट करने की प्रक्रिया को कौन सा नाम दिया जाना चाहिए या फिर इस जिम्मेदारी निभाने वाले पर दण्ड के तौर पर जुर्माने का क्या मानक होना चाहिए यह एक बड़ा सबाल है क्यूंकि ग्रामीण क्षेत्रो अधिक घनी आवादी नगर क्षेत्र की हमेशा से रही है!
बात छोटी से हो सकती है परन्तु काफी गंभीर है! जनपद के तिलहर नगर में आबादी के बीच लगे गन्दगी के ढ़ेरो में जलती आग और बदबूदार धुएँ का गुवार दूर दर तक वार्डो में बसने वाले नागरिको का सांस लेना दूभर कर रहा है! अनेको बार मौखिक तौर पर शिकायत करने पर अक्सर जबाब मिलता है कि पता नही कौन आग लगाता है जबकि यह अपराध है! अपनी जिम्मेदारी से बच कर आखिर कब तक तिलहर नगर की जनता को गुमराह किया जाता रहेगा यह समझना काफी मुश्किल है! उक्त वीडियो तिलहर नगर के मौलागंज स्थित सरकारी राईस मिल के बीच का है!









