
रिपोर्ट मोहम्मद जावेद
डलमऊ संवाददाता डलमऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाएं सुधरने का नाम ही नहीं ले रहे हैं जब चिकित्सक ही मरीजों को देखने के बजाय चिकित्सक मरीज का उपचार किए जाने वाले कमरे का दरवाजा बंद कर एसी चलाकर घंटों आराम फरमाते रहे, वहीं दूसरी तरफ मरीज अपना उपचार कराने के लिए चिकित्सकों को इधर-उधर ढूंढते रहे। हद तो तब हो गई जब शुक्रवार को डलमऊ कोतवाली क्षेत्र के अंबहा निवासी विनोद का 5 वर्षीय पुत्र विवेक दरवाजे पर खेलते समय हैंडपंप से टकरा कर चोटिल हो गया। परिजन आनन-फानन उसे डलमऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए जहां पर चिकित्सकों द्वारा दरवाजा बंद किए जाने की वजह से करीब 1 घंटे तक बालक दर्द से कहारता रहा जब उसने इस घटना की सूचना सीएम हेल्पलाइन पर करने की बात कही तो कर्मचारियों ने आनन-फानन उसे बंद एसी रूम वाले कमरे में चिकित्सक के पास ले गए, इतना ही नहीं कुछ देर बाद चिकित्सकों ने फिर से दरवाजा बंद कर लिया इसी दौरान रसूलपुर धरावा की महिला प्रेमा देवी उम्र 55 वर्ष पेट दर्द से परेशान थी लेकिन चिकित्सकों ने दरवाजा नहीं खोला, चिकित्सक वीडियो वायरल हुआ है। ऐसे कई मरीज आए और गए लेकिन चिकित्सकों की कुंभकर्णीय की नींद नही टूटी। इससे सा प्रतीत होता है कि डलमऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं का हाल कैसा है। इस संबंध में सीएचसी प्रभारी नवीन कुमार ने बताया कि वीडियो जिस समय वायरल हुआ है, उस समय चिकित्सक खाना खा रहे थे,ओपीडी के दौरान दरवाजा बंद नहीं था।










