
*👉चंद पैसों के लिए ईमान तक बेचने वाले भ्रष्ट अवर अभियंता के काले कारनामों के खुलने लगे पन्ने*
*👉 कागजों पर हेराफेरी करके विभाग को लगाया लाखों रुपए का राजस्व को चूना, जिम्मेदार अधिकारी बने मूकदर्क*
*👉 विभाग के उच्च अधिकारी अपने लाड़ले अवर अभियंता के ऐसे कृत्यों पर डालते रहे पर्दा*
रायबरेली-सतांव-वैसे तो उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस पर बहुत ही तगड़े थे कार्य कर रही है परंतु भ्रष्टाचारियों का कार्य समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा,और बात विद्युत विभाग की जाए तो बात कुछ अलग ही नजर आ रहा है फिर भी विभाग में उच्च पद पर आसीन अधिकारियों की नजर ऐसे भ्रष्ट अवर अभियंता पर नहीं पड़ी यह बहुत आश्चर्य की बात है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के रायबरेली जनपद के विद्युत वितरण खंड द्वितीय के हरचंदपुर उपखंड के अंतर्गत पूर्व में गुरबक्श गंज विद्युत उपकेंद्र पर तैनात रहे अवर अभियंता अमृतलाल पाल जोकि वर्तमान समय में विद्युत उपकेंद्र रहवां में अवर अभियंता के पद पर तैनात हैं सूत्रों की माने तो पूर्व में गुरबक्श गंज विद्युत उपकेंद्र में तैनाती के दौरान चंद कागज के टुकड़ों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार एवं मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की साख पर बट्टा लगाने से बाज नहीं आए और करोड़ों रुपए का राजस्व का नुकसान करते चलते बने। चाहे बिना एस्टीमेट के लाइने बनवाना उस पर ट्रांसफार्मर रखवा ना या फिर कनेक्शनों का बिना पीडी कराने ही उसी विद्युत कनेक्शन को दूसरे उपभोक्ता के परिसर में उपभोक्ता का नाम एवं पता बदल वाकर संचालित करवाना इनके लिए कोई नई बात नहीं। और ऐसे कार्यों को उच्च अधिकारियों को गुमराह करके या फिर उनको भी सिस्टम में लेकर के मामलों को निपटाना इनके लिए आम बात थी जबकि ऊंची कुर्सी पर बैठे जिम्मेदार उच्च अधिकारी अपने लाडले एवं विवादित अवर अभियंता को हमेशा जीवन दान देते चले आए और ऐसे भ्रष्ट अवर अभियंता पर कोई कार्यवाही नहीं की जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना नहीं तो फिर क्या है।
ताजा मामला विद्युत वितरण खंड द्वितीय के हरचंदपुर उपखंड के अंतर्गत गुरबक्श गंज विद्युत उप केंद्र के अंतर्गत का निकल कर सामने आ रहा है जहां पर अवर अभियंता द्वारा कमर्शियल विद्युत कनेक्शन संख्या-761600951881 पूर्व में गुरबक्श गंज चौराहे के खीरों रोड बी एस एन एल ऑफिस के बगल में इलेक्ट्रॉनिक बिल्डिंग कार्य हेतु 5 किलो वाट थ्री फेस में प्रेम शंकर के नाम संचालित था जिसमें उपभोक्ता द्वारा विद्युत कटौती एवं अधिक विद्युत बिल आने के कारण अवर अभियंता से मिलकर कनेक्शन को कटवाने हेतु अनुरोध किया और फिर पूर्व सिस्टमबाज अवर अभियंता का खेल शुरू हो गया और मीटर एवं के बिल उतारकर उसी कनेक्शन को गुरबक्श गंज के बछरावां रोड पर स्थित बिंदेश्वर गांव के सामने विकास ट्राली नामक स्थान पर मनीष कुमार के नाम संचालित करा दिया और बदले में जो कुछ भी इनके द्वारा किया गया वह विद्युत कनेक्शन कटवाने वाला एवं नया कनेक्शन लेने वाला उपभोक्ता ही बता सकता है लेकिन इस कार्य में कुछ तो खेला जरूर हुआ होगा। जबकि इस विवादित अवर अभियंता के भ्रष्ट काले कारनामों के खिलाफ 1 दर्जन से अधिक लिखित शिकायतें मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के पास आज भी मौजूद होंगी परंतु लाडले अवर अभियंता को आम जनमानस के शिकायतों के बावजूद उसी विद्युत उपकेंद्र पर अंगद के पैर की तरह जमें रहने में उच्च अधिकारियों ने हमेशा पूर्ण सहयोग किया। अब जब विभाग की किरकिरी होने लगी तो अधीक्षण अभियंता द्वारा उसी उपखंड के अंतर्गत दूसरे विद्युत उपकेंद्र पर ट्रांसफर कर दिया गया तो भ्रष्टाचार की परत दर परत खुलने लगी और ऐसे कार्यों में क्षेत्र के असरदार लोगों का लंबा हाथ भी बताया जा रहा है। जबकि इस विवादित एवं मध्यांचल विद्युत वितरण निगम में चर्चित अवर अभियंता अमृतलाल पाल के गुरबक्श गंज विद्युत उप केंद्र के तैनाती के दौरान किए गए काले कारनामों की उच्च अधिकारियों द्वारा जांच कराई जाए तो करोड़ों रुपए का घोटाला जरूर नजर आ सकता है लोगों के बीच चर्चा तो यहां तक की है कि अवर अभियंता द्वारा कहां गया कि बहुत जल्द उच्च अधिकारियों द्वारा मेरा ट्रांसफर गुरबख्शगंज विद्युत उपकेंद्र पर फिर से बहाल होने वाला है और ट्रांसफर होने के बाद गुरबख्शगंज विद्युत उपकेंद्र से जाते जाते विद्युत सामग्री भी ले जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था फिर भी विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने इस प्रकरण को संज्ञान नहीं लिया जिससे इस विवादित अवर अभियंता के हौसले बढ़ते चले गए और ऐसे काले कारनामों के लंबी फेहरिस्त खुले शुरू हो गए हैं अब देखना यह है कि विद्युत विभाग में तैनात जिम्मेदार अधिकारी इस भ्रष्ट अवर अभियंता पर क्या कार्रवाई करते हैं यह तो उस समय के गर्भ में है ऐसा भी हो सकता है कि उच्च अधिकारियों द्वारा विभाग की किरकिरी होते देख गंभीर प्रकरण को फाइल के पन्नों में दफन कर मामले को इतिश्री ना कर ले, परंतु क्षेत्र की जनता इस भ्रष्ट पूर्व अवर अभियंता अमृत लाल पाल के द्वारा किए गए भ्रष्टाचार को अपनी आंखों से देखने के लिए लालायित जरूर नजर आ रही है, जिससे आने वाले समय में कोई अधिकारी कर्मचारी ऐसे भ्रष्ट कार्य को अंजाम देने से पहले एक हजार बार सोचने को मजबूर हो जाए।










