कीटनाशक के नाम पर चूना पावडर और फागिंग में चल रहा है काला तेल!
संचारी रोग नियंत्रण में लाखो रुपये के सरकारी बजट का बंदरबांट..?
CRS तिलहर/शाहजहाँपुर-संचारी रोग नियंत्रण में कीट नाशक दवाईयोंं के आड़ में काला तेल फागिंग और चूना पावडर का छिड़काव कर सोशल मीडिया पर फोटो वायरल कर इतिश्री करने में नगर पालिका प्रशासन प्रशंसनीय भूमिका निभाते हुए अपनी पींठ स्वयं ही थपथपाने में लगा है! सुबह सबेरे गलियों से कचरा उठा कर भले ही गाड़िया बाहर ले जरही हो लेकिन जमीनी स्तर पर साफ कितने सफल तरीके से हो रही है इसे जमीनी पर देखने से साफ नज़र आ रहा है!
संचारी रोगो को नियंत्रित करने के हेतु कीटनाशक दवाओं के लिए सरकार द्वारा लाखो का बजट मिलने के बाद भी शाम होते ही नगर की दो चार गलियों में मिलावटी दवाईयाँ, चूना पावडर और काले तेल की फांगिग देखने को मिल रही है! नगर के बीचो बीच दो तालाबो में गंदा पानी और महिला ITI के पास खेत बने जलकुंभ में जमा गंदा पानी जो नगर भर के लिए कीड़े मकोड़ो और मच्छरो का घर बना है, उस पर कीटनाशक छिड़काव का लगातार नज़र अंदाज़ किया जाना संचारी रोगो को बढ़ाव देना कहा जाता है!
बताया जाता है सफाई निरीक्षक की ईमानदारी की आड़ में सीज़न पर लाखो रुपये की दवाई खरीद दिखा कर बंदर बांट की आस्था छोड़ नगर भर में यदि 50 प्रतिशत भी ईमानदारी से खर्च कर दिया जाय तो नगर भर को संचारी रोग से नियंत्रित किया जा सकता है लेकिन इसके पीछे की हकीकत में बताया जाता है कि पालिका प्रशासन द्वार अब नगर की स्वच्छता के प्रति अब जमीनी स्तर पर काम होते देखने को नही मिलता! सरकारी बजट का बंदर बांट मामले में अनेको सभासद नाराज़ दिखाई पड़ते हैं परन्तु इससे कोई फर्क पड़ता नज़र नही आता!









