बुखार से लगातार हो रही हैं मौत, जिले भर में अफरातफरी का माहौल!

थैलाछाप रूपी प्रैक्टिश्नर स्थिति पर काबू पाने का कर रहे प्रयास! मरीजो में इनके लिए बढ़ा विश्वास!
CRS शाहजहाँपुर-Govt अस्पताल में अव्यवस्थाओं के चलते जिले में बुखार का कहर अब भी जारी है! कहीं डेगू तो कही दूसरी बीमारी का बुखार समझ कर इलाज जारी है! जिले भर में बुखार से लगातार हो रही मौते के कारण अफरातफरी का माहौल बना नज़र आ रहा है! माना जा है कि मौसम बदलने के कारण यह सब हो रहा है लेकिन वहीं दूसरी ओर अफवाह है या सच़ कि मच्छरो, कीट पंतगो और चूहो से होशियार रहे!
सरकारी अस्पतालो से लेकर प्रायवेट अस्पताल ही नही बल्कि गली मोहल्लो में प्रैक्टिस कर रहे थैला छाप कहे जाने वाले डॉक्टरो के यहाँ बुखार पीड़ित मरीज बड़ी संख्या में देखने को ही नही मिल रहे है बल्कि यूँ कहा जा सकता है कि हर ओर अफरातफरी का माहौल दिखाई पड़ रहा है! एक ओर जहाँ सरकारी अस्पतालो में ठप्प व्यवस्थाओं के चलते स्थिति निंयत्रित करने में कहीं से सफलता मिलती नज़र नही आ रही तो वहीं दूसरी ओर इस स्थिति को नियंत्रित करने में सरकारी अस्पतालो और सरकारी डॉक्टरो के सहयोग में यही गली मोहल्लो में प्रैक्टिस करने वाले जिन्हे छोला छाप की संज्ञा दे दी जाती है, वे सहयोग करने के प्रयास में मरीजो का विश्वास जीतने में लगे हैं!
प्रसिद्ध समाचार पत्र की एक खबर के अनुसार आज जिले में “हेड कांस्टेबल सहित 11 की बु़खार से मौतो” जिसमें जिले के निगोही, खुंटार, अल्लागंज कलान आदि क्षेत्र शामिल है! हालांकि इस बीच माननीय मंत्री स्वतंत्र प्रभार ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया और सख्त आवश्यक निर्देश दिए परन्तु महामारी सा नज़र आने वाला बुखार सिर्फ निर्देशो का पालन कर नियंत्रित किया जा सकता है ऐसी संभावना कम ही नज़र आती है क्यूंकि एक ओर जहाँ सरकारी अस्पतालो में मुफ्त CBC जांच डेगू निगेटिव बताती है तो वहीं प्रायवेट में महंगे दाम देकर भी डेगू होना बता रही है!
प्रतिदिन समाचार की सुर्खियाँ बनता बुखार और अखबारी पृष्ट के कहीं न कहीं किसी कोने में जिले के किसी भी क्षेत्र से बुखार से हुई मौत की सूचना दिल दहलाने के लिए काफी समझी जा रही है! शासन की तमाम सख्ती और निर्देशो के बाद भी सरकारी अस्पतालो में साफ सफाई और दबाईयों का भले ही टोटा न हो लेकिन अनियंत्रित बुखार की रोकथाम के लिए जहाँ सही जांच सुविधा नही तो वहीं इस अफरातफरी के माहौल में भी 1 या 2 मात्र डॉक्टर ही नज़र आते है जो मरीजो की भीड़ से उकता कर 2 बजे से पहले ही OPD से नदारद हो जाते है!
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