और बढ़ते बढ़ते गति पकड़ गया फाईलेरिया रोग़!
मच्छरो के बढ़ते प्रकोप नही लग सकी रोक!

CRS शाहजहाँपुर-जनपद भर मच्छरो के बढ़ते प्रकोप और आतंक, विगत वर्षो से लगातार बढ़ रहा है और एक और नई प्रजाति ने एक और रोग पर अपना बजूद बना कर मानव जाति के लिए डेगू और मलेरिया के साथ ही फाईलेरिया नाम की बीमारी को तेजी से बढ़ावा दे दिया!
मच्छरो के बढ़ते प्रकोप की खबरो ने सावधान करते हुए लगातार गंद रहित क्षेत्रो में ठप्प व्यवस्था के बारे आगाह करते रहने के बाद भी रत्ती भर सम्बन्धित विभागो पर जूँ तक नही रेगी और आज मानव जाति पर तेजी से बढ़ रहे फाईलेरिया रोग का खतरा मडराने लगा!
खबरो के मुताबिक जिले भर में अब तक फाईलेरिया के 2800 मरीजो को चिन्हित ही नही किया गया है बल्कि खबरदार भी किया गया कि प्रतिमाह 8 से 10 मरीज फाईलेरिया से पीड़ित निकल रहे हैं!
खबरो पर गैर करें तो माना जा रहा है कि जल्द ही मच्छरो की प्रजनन प्रक्रिया पर रोक नही लगाई गई तो डेगूऔर मलेरिया बीमारियों के साथ ही अब फाईलेरिया जैसी घातक बीमारी का बढ़ता प्रकोप काफी हाहाकार मचा सकता है!
वर्षो से चल रही रिसर्च अब तक बस यही पता लगाने में सफल हो सकी कि मादा एनोफिलीज़ और पैरासाइड प्रोटोजोआ तथा तीसरे प्लाजमोडियम, वाईवेकस और फैलसीफेरम नामक प्रजाति के मच्छर डेगू, मलेरिया आदि रोग फैलाने के लिए जिम्मेदार हैं! इन्ही रिसर्च में अब एक और नई प्रजाति
मादा क्यूलेक्स का नाम सामने आया है जो फाईलेरिया जैसी शरीर को बेढ़व कर रोगी बनाने वाले रोग का घोतक है!
मच्छरो की प्रजनन प्रक्रिया पर जहाँ अब तक कोई रोक नही लग सकी तो वहीं उनसे फैलने वाली घातक बीमारियों के इलाज की व्यवस्था भी फिलहाल सरकारी स्तर अब कोई ठोस नही, वहीं इसके विपरीत जागरुकता के नाम पर हर वार फैशन के इस दौर में लोगो से पूरा शरीर ढ़के रहने वाले कपड़ो को पहने रखने, रात को मच्छरदानी का प्रयोग करने तथा घरो के कूलरो आदि में पानी जमा न रहने की ताकीद जारी है जबकि गली मोहल्लो और नगर के अनेक स्थानो पर बड़े बड़े सड़ते कूड़े के ढ़ेरो को डंप करने की व्यवस्था की आज तक जरुरत नही समझी जा रही है!
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