
मन की उमंगों और कौतूहल भरे जीवन की सार्थकता को समेटे हुए मनसंगी की बाल कला पत्रिका का नौवां विशेषांक “संगी” शीर्षक से प्रकाशित हुआ। सारणी ,बैतूल मध्य प्रदेश से प्रत्येक माह अलग अलग विषयों पर प्रकाशित हो रही यह पत्रिका अपनी रचनाओं से हर सुधी पाठक के मन को जीत लेती है।मनसंगी साहित्य संगम के संस्थापक अमन राठौर मन ने इस पत्रिका के विमोचन एवं प्रकाशन के अवसर पर कहा कि यह पत्रिका बाल मन के सभी पक्षों को छूती है,जिज्ञासा भरा बचपन,कल्पना लोक की दुनिया,परियों की कथाएं और न जाने यह कितने आयाम समेटे हुए है।संपादक तलत एजाज ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि ” मेरा प्रयास है कि देश भर के नन्हे कलमकार इस मुहिम से जुड़कर अपने लेखन को समृद्ध करें और अपनी रचनात्मकता को पर दें।” पत्रिका की संकलनकर्ता सुनीता यादव विभिन्न राज्यों के रचनाकारों से समन्वय स्थापित कर पत्रिका की नूतनता में वृद्धि करती रहती हैं।सहसंस्थापक मनीषा ने सभी को इस बाल सुलभ पत्रिका में जुड़ने को कहा।उनके अनुसार पत्रिका जीवन के हर पहलुओं को समेटे हुए है, विशेष रूप से विह्वलता। मार्गदर्शक गौरव शर्मा पत्रिका में सृजनात्मकता बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहते हैं।विभिन्न राज्यों के लेखकों इला, ,शशिबाला, जागृति शर्मा, गोविन्द रीझवानी, ऊषा अग्रवाल, प्रियंका, हरीश गुप्ता, राजकुमारी, आशीष, मुकेश कुमार, अली, प्रियंका लालवानी, रिद्धित, ज्ञानेंद्र मंगल जी, हरी प्रकाश आदि ने अपनी रचनाओं से पत्रिका में चार चांद लगाए।










