
एस.जे.एस पब्लिक स्कूल में आज दीपावाली का उत्सव बड़े ही धूम धाम से मनाया
सलोन रायबरेली
एस.जे.एस पब्लिक स्कूल में आज 17अक्टूबर को दीपावाली का उत्सव बड़े ही धूम धाम से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत लक्ष्मी गणेश जी की पूजा अर्चना से हुई। वहीं कक्षा 5 व 7 के बच्चों(मान्या,सुनिधि,अलंकृता,सृष्टि,वैष्णवी,रित्वि, आराध्या,शिव्या,आस्था,तन्मय,दिव्यांश,अविनाश,अर्चित,आरजू,कुंवर,तेजस्वी,श्रेयांश,शिवा,अर्पित,अरनव,आदि) ने सुंदर गणेश वंदना नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम की शुरुआत की ।
कक्षा 7 व 8 की फरहत,रिद्धिमा,श्रेया व शाहिस्ता ने कार्यक्रम का कुशल संचालन किया।
कक्षा 2 के नन्हे मुन्ने बच्चों (अनुष्का,दीप्ति,अनुश्री, अनाया,मेहनूर,आकृति,ओमिका आदि) भी किसी से पीछे नहीं रहे राम आएंगे तो अंगना सजाऊंगी गाने पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मनमोह लिया।
कक्षा 11 की छात्रा श्रेया व प्रियांशी ने आयो रे शुभ दिन आयो रे गाने पर नृत्य प्रस्तुत कर सभी को आकर्षित किया।
इस उत्सव का सबसे आकर्षक कार्यक्रम राम-भरत मिलाप रहा जिसकी सुंदर प्रस्तुति कक्षा 6, 7 एवं 8 के बच्चों(मैत्रेई,अदिति,अनन्या,अथर्व, अभ्युदय, अनुभव सिंह,प्रतीक,अनुभव यादव, इनाया आदि) ने किया इन सारे बच्चों ने राम,लक्ष्मण,भरत,शत्रुघ्न,निषाद,वशिष्ठ,कौशल्या,
कैकेई,सुमित्रा और माता सीता के वेशभूषा में सभी को आकर्षित किया। वहीं नाटक के मंचन में कक्षा 8 के मधुर,निखिल,निर्भय व अर्पित ने बड़ी ही खूबसूरती से ध्वनिसंचालक का काम किया
विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती नीलम सिंह ने भगवान राम और माता सीता के प्रतीकात्मक इन बच्चों को तिलक कर इनकी आरती उतारी।
विद्यालय के प्रबंधक श्री अनुज सिंह व प्रबंधिका श्रीमती प्रियंका सिंह ने सभी को दीपावाली की शुभकामनाएं देते हुए कह की दिवाली केवल रोशनी, मिठाइयों और आतिशबाजी का उत्सव नहीं है; यह अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की विजय का उत्सव है। यह पुरानी विफलताओं को भूलकर नए और उज्ज्वल भविष्य का स्वागत करने का समय है।
वहीं विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती नीलम सिंह ने भी सभी को दीपावाली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एक दीये से अगर दूसरा दीया जलाया जाए तो रोशनी घटती नहीं, बढ़ती है, इसी तरह ये त्योहार हमें सिखाता है कि जिस तरह दीया अंधेरा दूर भगाता है, हमें भी अपने अंदर का अंधेरा (घमंड, लालच, जलन, नफरत की भावनाएं) मिटाना चाहिए।
साथ ही साथ कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी शिक्षक शिक्षिकाओं व कर्मचारियों को धन्यवाद प्रेषित किया।










