
CRS NEWS रायबरेली : किसान को मृत दिखाकर कराई वरासत, लेखपाल व राजस्व निरीक्षक समेत चार पर मुकदमा दर्ज
रायबरेली जिले के महराजगंज क्षेत्र में बड़ा राजस्व फर्जीवाड़ा सामने आया है। करीब 40 वर्षों से लापता किसान को मृत घोषित कर उसकी जमीन हड़पने के मामले में न्यायालय के आदेश पर तत्कालीन लेखपाल, राजस्व निरीक्षक समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
अमेठी जनपद के थाना मोहनगंज क्षेत्र अंतर्गत अमिलिहा गांव निवासी राम किशुन ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में याचिका दाखिल कर बताया कि उनके ममेरे भाई छेद्दू, निवासी पूरे अचली गांव (महराजगंज), मानसिक रूप से अस्वस्थ थे और लगभग 40 वर्ष पूर्व घर से लापता हो गए थे। आज तक उनका कोई पता नहीं चल सका।
राम किशुन के अनुसार, बखतखेर मजरे मोन की रहने वाली रामरती ने खुद को छेद्दू की बहन बताकर 6 फरवरी 2024 को नायब तहसीलदार न्यायालय में आवेदन किया और छेद्दू को 24 अप्रैल 1993 में मृत दिखाते हुए उसकी 19 बिसवा भूमि अपने नाम दर्ज कराने का प्रयास किया। बाद में 3 अक्टूबर 2024 को यह आवेदन वापस ले लिया गया।
याचिका में आगे बताया गया कि अक्टूबर 2024 में निर्वाचन आयोग द्वारा छेद्दू का मतदाता पहचान पत्र जारी किया गया। इसके बावजूद रामरती ने 15 अप्रैल 2025 को अपने रिश्तेदार दयाराम निवासी मझिगवां, हरचंदपुर के साथ मिलकर तहसीलदार न्यायालय में दूसरा वरासत आवेदन दिया। इस बार दाखिल मृत्यु प्रमाण पत्र में छेद्दू की मृत्यु 16 जनवरी 2014 दर्शाई गई।
कोतवाल जगदीश यादव ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर तत्कालीन लेखपाल राजीव मिश्रा, राजस्व निरीक्षक अजय, रामरती एवं दयाराम के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
वहीं लेखपाल राजीव मिश्रा का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर रामरती का नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज किया गया था। मृत्यु प्रमाण पत्र विवादित पाए जाने पर तहसीलदार को रिपोर्ट भेजी गई, जिसके बाद रामरती का नाम रिकॉर्ड से निरस्त कर दिया गया है।
उपजिलाधिकारी गौतम सिंह ने बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। यदि कोई भी राजस्व कर्मी दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।










