नोटिस प्रक्रिया के बाद, अतिक्रमण मामला हुआ टांय टांय फिस्स!
पीरगैब तालाब सौन्द्रीकरण भी ठंण्डे बस्ते में जाने की संभावना!
CRC शाहजहाँपुर से इमरान साग़र!
तिलहर नगर में, पालिका सम्पत्तियों पर अतिक्रमण/अबैध कब्जाधारियों को नोटिस मात्र भेज कर इतिश्री कर ली गई प्रतीत होती है! पालिका प्रशासन की घोर लापरवाही के नतीजे, नगर स्थित पालिका की बड़ी सम्पत्तियाँ विगत 25 वर्षो में तेजी के साथ अति क्रमण/अबैध कब्जे का शिकार होती रही परन्तु उन्हे कब्जा मुक्त कराने की प्रक्रिया लगभग हर वार नोटिस जारी करने तक ही सीमित रही जिसके चलते पालिका सम्पत्तियों व नगर स्थित तालाबों एंव सड़क पटरियों पर अबैध कब्जा करने वालो के होसले बुलन्द होते रहे हैं!
द्वोष भावना के चलते तो नही मचा था शोर-पीरगैब तालाब सौन्द्रीकरण, नगर सौनद्रीकरण में चार चाँद लगाने के लिए अतिक्रमण मुक्त कराने का भले ही पालिका प्रशासन ने प्रशंसनीय कार्य कर लिया हे परन्तु इसके बार अगले कार्य में पूरी तरह बिराम लगा नज़र आने लगा! इतना ही नही बल्कि आसपास की कालोनी का गन्दा पानी फिर एक बार पीरगैब तालाब में ही जमा हो गया! उस समय पीरगैब तालाब के सौन्द्रीकरण की आड़ लेकर जहाँ अनेक संगठन को सक्रियता को अखबार की सुर्खियाँ मिली तो वहीं द्वोष भावना भी उजाग़र होती नज़र आई!
निकाय चुनाव तो नही बना अत्क्रमण का पक्षधर-सबाल यह भी हो सकता है कि नगरवासियों के लिए पीरगैब तालाब सौन्द्रीकरण की सौगात में, मुंह फाड़े खड़ा अतिक्रमण/अबैध कब्जा को निकाय चुनाव का बल तो नही मिल रहा जिससे फिलहाल सारा मामला पूरी तरह वर्फ के समान सा नज़र आने लगा! क्यूंकि तथाकथित अधिबक्ता का रिहाईशी मकान और दंसवा घर ढ़हाने के बाद पालिका प्रशासन ने लालपुल से लेकर खड्डी वाली पुलिया तथा यहाँ से कच्ची मस्जिद तक, खड्डी वाली पुलिया से डॉ बंगाली की दुकान तक के अतिक्रमण/अबैध कब्जे को नोटिस मात्र देकर इतिश्री कर ली!
सूत्रो की माने तो विगत 25 वर्षो में पालिका प्रशासन नगर के रेहड़ी पटरी बालो तथा रिक्शा और तांगा वालो को स्थाई स्थान देने में भी नाकाम रहा और अतिक्रमण की गाज अपने हर अभियान में गरीबो पर गिराता नज़र आया जबकि बड़े और भू-आमियाओं की ओर देखने की हिमाकत तक नही क सका! जनप्रतिनिधियों ने चुनाव के समय गरीबो के वोट का तो जमकर प्रयोग किया परन्तु उनकी जीविका चलाने हेतु प्रशासन उन्हे स्थापित नही कर सका!









