तिलहर में नालो की सफाई के नाम पर यह खानापूर्ती…?
CRS तिलहर/शाहजहाँपुर-नगर के छोटे बड़े लगभग 35 नाले गन्दगी से भरे पड़े हैं! पालिका प्रशासन की लापरवाही के चलते ठेके पर चल रही सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप्प नज़र आ रही! दो दिन पूर्व साफ हुए नालो की हालत जमीनी स्तर पर साफ देखी जा सकती है!
माना कि मौसम विभाग द्वारा जारी भविष्यवाणी 15 जून को आने वाली मानसून में देरी हो गई हो लेकिन बारिश न हो यह मुमकिन तो नही! साल भर गन्दिगी गायर से भरे नालो की सफाई को वार्षिक प्रक्रिया ही यदि मान लें तब भी जरुरी है कि नालो को ढ़ंग से साफ किया जाए!
ठेका पद्दति पर होने वाली नालो की सफाई पालिका प्रशासन की कोई जिम्मेदारी नही बनती यह मुमकिन नही क्यंकि बंद नाले नालियों से उनमें रुकने वाला गंदा पानी ही नगर की गलियों नही भरता बल्कि हल्की सी बारिश में आधे से ज्यादा नगर, हर वर्ष जलमग्न हो जाता है और तब भी पालिका प्रशासन नींद तब जागता है जब परेशान हाल नगरवासी उसे जगाने का हर संभव प्रयास करते हैं!
नालो की सफाई तो हो नही रही तो आखिर खर्च होने वाला पैसा जा कहाँ रहा है यह सोचनीय प्रश्न है! प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की ईमानदार योगी सरकार में भी स्थानीय स्तर पर जनहित मुद्दो को ताक पे रख कर सरकारी पैसे का बंदरबाट जारी है!








